उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर इस बार सरकार ने बड़ा और अहम फैसला लिया है।

देहरादून

 

उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा को लेकर इस बार सरकार ने बड़ा और अहम फैसला लिया है। यात्रा के दौरान अब ‘वीआईपी कल्चर’ पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। यानी अब कोई भी श्रद्धालु विशेष सुविधा के तहत सीधे दर्शन नहीं कर सकेगा।

कैबिनेट मंत्री खजान दास ने मीडिया से बातचीत में साफ किया कि इस बार चारधाम यात्रा में वीआईपी या वीवीआईपी जैसी कोई व्यवस्था नहीं होगी। सभी श्रद्धालु एक समान कतार में लगकर ही भगवान के दर्शन करेंगे।

मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पिछले छह महीनों से यात्रा की तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि रहे।

“इस बार हमने वीआईपी कल्चर पूरी तरह समाप्त कर दिया है। सभी श्रद्धालु बराबर हैं और सभी को एक समान दर्शन का अवसर मिलेगा।”

मंत्री ने यह भी कहा कि खुद मुख्यमंत्री ने केदारनाथ मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के मौके पर आम श्रद्धालु की तरह दर्शन कर एक मिसाल पेश की है।

सरकार का लक्ष्य है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा का अनुभव मिल सके।