देहरादून
देवभूमि में शिक्षक संगठनों का संयुक्त मोर्चा सक्रिय, सीएम से वार्ता के बाद एसओपी जारी होने के संकेत।
उत्तराखंड में हालिया घटनाक्रम के बाद शिक्षक संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश स्तर पर संयुक्त मोर्चा बनाकर कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया। इस पूरे मामले में राजकीय शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इसे राज्य की गरिमा के खिलाफ बताया और कहा कि देवभूमि कहे जाने वाले प्रदेश में इस प्रकार की घटना अत्यंत निंदनीय है। विभिन्न घटक संघों ने एकजुट होकर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।
संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नामित राम सिंह चौहान ने बताया कि घटना के बाद सभी संगठनों ने मिलकर रणनीति बनाई थी। इसी बीच मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से वार्ता का संदेश प्राप्त हुआ, जिसके बाद कोर कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुकेश भवनाजित सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान घटना पर अफसोस जताया और इसे गलत बताया।
वार्ता के दौरान शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश देने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने शासन और पुलिस प्रशासन को सख्त लहजे में आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) जारी करने पर भी सहमति बनी है। इस संबंध में मुख्य सचिव के साथ आगे की बैठक निर्धारित की गई है, जिसमें अंतिम रूप दिया जाएगा।
संयुक्त मोर्चा की ओर से संबंधित विधायक की गिरफ्तारी की मांग भी उठाई गई। हालांकि राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए गिरफ्तारी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन सार्वजनिक माफी की मांग को प्रमुख विकल्प के रूप में रखा गया है। शिक्षक संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की रणनीति पर पुनर्विचार किया जाएगा।