उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें सशक्त बनाने के लिए उत्तराखंड महिला आयोग लगातार काम कर रहा है।

देहरादून

 

उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें सशक्त बनाने के लिए उत्तराखंड महिला आयोग लगातार काम कर रहा है। इसी कड़ी में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं के प्रति महिला आयोग अति संवेदनशील है और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर है। साथ ही उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल को संसद में होने वाली बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा जिसमें संसद की संख्या को दुगना किया जाएगा और उसे दुगनी के संख्या का 33 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया साथ ही सरकार का आभार भी जताया कि महिलाओं के प्रति सरकार लगातार कार्य कर रही है। आगे चलकर महिलाओं को संसद और विधानसभा में आरक्षित सूची में शामिल करने पर महिलाएं अपनी बाते और मुद्दों को सदन में रख सकेंगी। इससे राज्य की महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें सशक्त बनाने में सहयोग मिलेगा।