देहरादून
देहरादून में साल 2025 के अंतिम दिन पूर्व सैनिकों के सम्मान के साथ नववर्ष 2026 का स्वागत किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सैनिकों के योगदान को नमन करते हुए राज्य की उपलब्धियों और आने वाले वर्ष की दिशा पर अपनी बात रखी। देखिए ये रिपोर्ट
देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सैनिक और पूर्व सैनिक देश की असली ताकत हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन भारत माता की रक्षा में समर्पित किया है। मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों के माध्यम से सीमा पर तैनात सभी जवानों को नववर्ष 2026 की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 उत्तराखंड के लिए उपलब्धियों और चुनौतियों का वर्ष रहा, लेकिन प्रदेशवासियों ने एकजुट होकर हर चुनौती का सामना किया। उन्होंने कहा कि विकास, नवाचार और जनकल्याण के हर क्षेत्र में यह वर्ष राज्य के लिए उपलब्धि भरा साबित हुआ।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस तरह देश निरंतर प्रगति कर रहा है, उसी तरह उत्तराखंड भी विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।
“हमारे सैनिकों ने अपना संपूर्ण जीवन भारत माता की रक्षा में लगाया है। आज 2025 का अंतिम दिन है और 2026 का आगमन होने जा रहा है। मैं सभी पूर्व सैनिकों, सैनिकों और सीमा पर तैनात जवानों को नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। 2025 हमारे राज्य के लिए उपलब्धियों और सामूहिक प्रयासों का वर्ष रहा है।”
कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने भी पूर्व सैनिकों के साथ नववर्ष का स्वागत किया और सैनिकों से अपने आत्मीय जुड़ाव को साझा किया।
“मैं मंत्री बनने से पहले एक सैनिक हूं। सैनिकों के बीच आता हूं तो खुद को मंत्री नहीं, बल्कि एक सिपाही महसूस करता हूं। अगर मैं सैनिक न होता तो आज न विधायक होता और न मंत्री। सैनिक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी मिलना मेरे लिए गर्व और सौभाग्य की बात है
पूर्व सैनिकों के सम्मान और राष्ट्रसेवा के संकल्प के साथ उत्तराखंड ने वर्ष 2025 को विदाई दी और 2026 का स्वागत किया। सरकार ने आने वाले वर्ष में भी विकास और जनकल्याण को प्राथमिकता देने का भरोसा जताया।