देहरादून
उत्तराखंड के डेयरी क्षेत्र को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने देहरादून में ईआरपी (ERP) प्रणाली का शुभारंभ किया। इस तकनीक के लागू होने से दुग्ध उपार्जन से लेकर विपणन तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे हजारों दुग्ध उत्पादकों को समय पर भुगतान और योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा।
कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि यूसीडीएफ (UCDF) और टाटा कंज्यूमर्स के बीच हुआ एमओयू (MoU) रहा। अब उत्तराखंड का प्रसिद्ध बद्री गाय का घी और पहाड़ी घी टाटा के सहयोग से राष्ट्रीय बाजारों में उपलब्ध होगा, जिससे ‘आंचल’ ब्रांड को नई पहचान मिलेगी।
मंत्री बहुगुणा ने बताया कि वर्ष 2025-26 में दुग्ध उत्पादन में भारी वृद्धि हुई है और आगामी लक्ष्य 3.25 लाख लीटर प्रतिदिन रखा गया है। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला दुग्ध उत्पादकों और दुग्ध संघों को सम्मानित भी किया गया। साथ ही, सितारगंज में नए मिल्क पाउडर प्लांट और 5 नए बद्री गाय ग्रोथ सेंटर की स्थापना की घोषणा की गई। इस डिजिटल उड़ान से प्रदेश के किसानों की आय में सुधार और डेयरी क्षेत्र में पारदर्शिता आने की उम्मीद है।