महाशिवरात्रि पर आस्था का महासंगम: देहरादून के टपकेश्वर मंदिर में उमड़ी हजारों श्रद्धालुओं की भीड़, कृष्ण गिरि महंत ने बताया पर्व का आध्यात्मिक महत्व और दिया विश्व कल्याण का संदेश।

देहरादून

 

महाशिवरात्रि पर आस्था का महासंगम: देहरादून के टपकेश्वर मंदिर में उमड़ी हजारों श्रद्धालुओं की भीड़, कृष्ण गिरि महंत ने बताया पर्व का आध्यात्मिक महत्व और दिया विश्व कल्याण का संदेश।

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर देहरादून स्थित प्राचीन टपकेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आधी रात से ही मंदिर परिसर “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा। दूर-दराज से पहुंचे शिव भक्त लंबी कतारों में खड़े होकर भगवान टपकेश्वर के जलाभिषेक के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। मंदिर प्रशासन, कैंट बोर्ड और टपकेश्वर सेवा दल के स्वयंसेवक व्यवस्था संभालते हुए श्रद्धालुओं को सुचारू रूप से दर्शन करा रहे हैं।

मंदिर के महंत कृष्ण गिरि ने महाशिवरात्रि के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि शरीर और मन के शोधन का पावन दिन है। उन्होंने बताया कि रात्रि बारह बजे भगवान शिव का विशेष अभिषेक विभिन्न प्रिय द्रव्यों से किया गया, जिसके बाद कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। तभी से भक्तों की निरंतर कतार लगी हुई है।

महंत के अनुसार, सच्चे भाव से भगवान शंकर को एक लोटा जल अर्पित करने मात्र से भक्तों के मनोरथ पूर्ण होते हैं। परिवार में सुख, समृद्धि, आरोग्य और दिव्यता का वास होता है तथा बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होता है। उन्होंने देश और दुनिया के सभी शिव भक्तों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस दिन शिव संकल्प लेकर जीवन को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है।

श्रद्धालुओं की सेवा के लिए टपकेश्वर सेवादल द्वारा दूध और केसरयुक्त दूध का लंगर भी लगाया गया है, जिसका लाभ बड़ी संख्या में भक्त उठा रहे हैं। मंदिर परिसर में भक्ति, आस्था और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। महंत ने अंत में सभी के कल्याण और मंगल की कामना करते हुए “हर हर महादेव” का उद्घोष किया।