सहसपुर की महिलाओं के हाथों से तैयार होगा ‘हर घर तिरंगा’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ आह्वान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को सहसपुर की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं साकार कर रही हैं। शंकरपुर स्थित सिलाई यूनिट में महिलाएं सूती कपड़े से हैंडमेड तिरंगे तैयार कर रही हैं। अब तक 5 हजार से अधिक तिरंगे बनाए जा चुके हैं।
रीप और एनआरएलएम के सहयोग से संचालित इस यूनिट में 15 से 20 महिलाएं काम कर रही हैं। 15 अगस्त और 26 जनवरी के दौरान तिरंगों की मांग काफी बढ़ जाती है। स्कूलों, सरकारी विभागों, सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय बाजार के साथ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़े लोग भी महिलाओं से तिरंगे खरीद रहे हैं।
महिलाओं के अनुसार, इस काम से उन्हें घर के नजदीक रोजगार और अतिरिक्त आय का साधन मिला है। बीते गणतंत्र दिवस पर तिरंगा निर्माण एवं बिक्री से समूह की महिलाओं ने करीब एक लाख रुपये की बचत अर्जित की थी।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान और मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि महिलाओं का यह प्रयास स्वरोजगार के साथ राष्ट्रीय उत्सव में उनकी भागीदारी और प्रतिभा को भी बढ़ावा दे रहा है।