देहरादून।राजस्थान और मध्य प्रदेश में खांसी की दवा (कफ सिरप) के सेवन से बच्चों की मौत के मामले सामने आने के बाद अब उत्तराखंड सरकार भी एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पूरे प्रकरण को जनस्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
सीएम के निर्देश के बाद उत्तराखंड में एफडीए (फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) की टीमों ने प्रदेशभर की मेडिकल दुकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। एफडीए और ड्रग कंट्रोलर उत्तराखंड के अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने बताया कि चार साल तक के बच्चों को दोषपूर्ण सिरप न दिए जाएं, इसके लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से आने वाली दवाइयों की भी निरंतर जांच की जा रही है। यह अभियान केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे भी सैंपलिंग और छापेमारी जारी रहेगी। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी इस दिशा में निगरानी बढ़ा दी गई है।
अभी तक प्रदेशभर से करीब 150 सैंपल जांच के लिए उठाए जा चुके हैं। एफडीए की टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी संदिग्ध या प्रतिबंधित कफ सिरप को तत्काल जब्त किया जाए और जांच रिपोर्ट के आधार पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।