उत्तराखंड मे 23 मार्च 2026 को धामी सरकार अपने कार्यकाल के 4 साल पूरे कर रही है अपने 4 साल के कार्यकाल में धामी सरकार ने कई उपलब्धियां हासिल की है। 

देहरादून

 

उत्तराखंड मे 23 मार्च 2026 को धामी सरकार अपने कार्यकाल के 4 साल पूरे कर रही है अपने 4 साल के कार्यकाल में धामी सरकार ने कई उपलब्धियां हासिल की है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 23 मार्च 2022 को पद और गोपनीयता की शपथ लेने के बाद से ही प्रदेश के विकास के लिए कई बड़े फैसले में शुरू कर दिया जिसमें से सबसे बड़ा फैसला समान नागरिक संहिता कानून कों प्रदेश में लागू करने का लिया गया जिसकी चर्चा आज देश के सभी राज्यों में है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने कार्यकाल में सख्त नकल विरोधी कानून जैसे फ़ैसले भी लिए जो प्रदेश के युवाओं के लिए उनके भविष्य की सुरक्षा की गारंटी बना।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अपने कार्यकाल में उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासन के लिए ‘कठोर निर्णयों’ और ‘नजीर पेश करने वाले कानूनों’ वाले कई फैसले हैं। जिन्होंने देशभर में सुर्खियां बटोरी।

-1—समान नागरिक संहिता (UCC): उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने विधानसभा में UCC विधेयक पारित किया। यह धामी सरकार का सबसे बड़ा ‘मास्टर स्ट्रोक’ माना जाता है, जिसका उद्देश्य सभी धर्मों के लिए विवाह, तलाक और संपत्ति के समान नियम लागू करना है।

2—-देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून: भर्ती परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक कानून बनाया। जिसमें दोषियों के लिए आजीवन कारावास और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

3——धर्मांतरण विरोधी कानून: जबरन धर्मांतरण को रोकने के लिए कानून को और सख्त बनाया गया, जिसमें 10 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया।

4——दंगा रोधी कानून: दंगों या प्रदर्शनों के दौरान सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों से ही वसूली (Recovery) करने का कड़ा फैसला लिया।

5—–महिला सशक्तिकरण और रोजगार

6—–महिला क्षैतिज आरक्षण: उत्तराखंड की मूल निवासी महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30% आरक्षण का कानूनी अधिकार सुरक्षित किया।

7——लखपति दीदी योजना: स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाने के लिए इस योजना को तेजी से लागू किया, जिसका लक्ष्य सवा लाख महिलाओं को ‘लखपति’ बनाना है।

8——भर्ती कैलेंडर: अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) और लोक सेवा आयोग (UKPSC) की रुकी हुई भर्तियों को पारदर्शी तरीके से शुरू कराया।

8—–सड़क और कनेक्टिविटी: ‘ऑल वेदर रोड’ परियोजना में तेजी और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के काम को प्राथमिकता दी।

9——मानसखंड मंदिर माला मिशन: केदारनाथ और बदरीनाथ की तर्ज पर कुमाऊं के प्राचीन मंदिरों (जैसे जागेश्वर, हाट कालिका) के विकास के लिए इस मास्टर प्लान को मंजूरी दी।

10——होमस्टे योजना: ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी और प्रोत्साहन के जरिए हजारों युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा।

11—भ्रष्टाचार पर प्रहार: कई बड़े भर्ती घोटालों की जांच एसटीएफ (STF) को सौंपी और दर्जनों रसूखदारों को जेल भेजा, रिश्वतखोरी में लिप्त सरकारी कर्मचारियों पर भी हो रही है कार्यवाही।

12——सरलीकरण, समाधान और निस्तारण: फाइलों के जल्द निस्तारण के लिए ‘अपणि सरकार’ पोर्टल और जनसुनवाई (जनता दरबार) को अनिवार्य बनाया।

13—–सशक्त उत्तराखंड @25: उत्तराखंड को 2025 तक देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया।