देहरादून में निजी और व्यावसायिक वाहनों की संख्या जिस तेजी से बढ़ रही है, जिस कारण शहर की यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखना चुनौती बन रहा है।

देहरादून

 

 

देहरादून में निजी और व्यावसायिक वाहनों की संख्या जिस तेजी से बढ़ रही है, जिस कारण शहर की यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखना चुनौती बन रहा है। वर्ष 2025 में कुल 91,782 नए वाहन सड़कों पर उतरे हैं, जो पिछले एक दशक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

दून आरटीओ में 2016 में जहां लगभग 60 हजार वाहन पंजीकृत हुए थे। 2020 में कोरोनाकाल के दौरान यह आंकड़ा गिरकर 47,383 रह गया था, लेकिन इसके बाद लगातार आंकड़ा बढ़ रहा है। 2023 में पहली बार यह संख्या 80 हजार के पार पहुंची और 2025 ने 91 हजार का आंकड़ा छूकर नया रिकॉर्ड बना दिया।जिनमे 60,043 दुपहिया वाहन हैं। जबकि 23,213 निजी कारें हैं। कमर्शियल श्रेणी में 2,444 थ्री-व्हीलर और 1,638 हल्के मालवाहक वाहन सड़कों पर उतरे हैं। जबकि भारी वाहनों (बस और ट्रक) की संख्या महज 331 रही। सार्वजनिक परिवहन की तुलना में निजी वाहनों की बढ़ती संख्या ही शहर में जाम का मुख्य कारण है।

2025 में रिकॉर्ड वाहन पंजीकृत हुए है। सितंबर तक टैक्स में बढ़ोतरी हुई। लेकिन इसके बाद जीएसटी दरों में कमी से वाहनों की कीमत घटी है। जिससे टैक्स में नुकसान हुआ है।