उत्तराखंड के उच्च हिमालयी और बर्फबारी वाले दुर्गम क्षेत्रों में जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने के अवसर पर भाजपा राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनगणना देश के समग्र विकास और भविष्य की योजनाओं को सटीक रूप देने के लिए एक आवश्यक और आधारभूत प्रक्रिया है। नरेश बंसल ने कहा कि देश में हर 10 वर्ष के अंतराल पर नियमित रूप से जनगणना कराई जाती रही है। हालांकि, विगत वर्षों में कोरोना महामारी जैसी अप्रत्याशित परिस्थितियों और अन्य कारणों से इस प्रक्रिया में विलंब हुआ। अब यह कार्य विधिवत रूप से आरंभ हो चुका है, जिससे देश और प्रदेश की वास्तविक स्थिति के आंकड़े सामने आएंगे। सांसद बंसल ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के नीति-निर्माण में जनगणना की भूमिका केंद्रीय होती है। इससे राज्य की सटीक डेमोग्राफी, विभिन्न आयु वर्ग की जनसंख्या, उद्योगों की स्थिति और मकानों के आंकड़ों का विस्तृत ब्योरा प्राप्त होता है। इन आंकड़ों के जरिए यह तय करना आसान होता है कि किस क्षेत्र में किस तरह के विकास कार्यों, बुनियादी सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि एकत्र होने वाले आंकड़ों से भविष्य में राज्य और देश के लिए और अधिक प्रभावी नीतियां बनाने में मदद मिलेगी।