हिमालयन एमएसएमई एक्सपो में पहुंचे मंत्री सतपाल महाराज, उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों और जड़ी-बूटियों की महत्ता पर दिया जोर।

हिमालयन एमएसएमई एक्सपो में पहुंचे मंत्री सतपाल महाराज, उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों और जड़ी-बूटियों की महत्ता पर दिया जोर।

हरिद्वार के प्रेम नगर आश्रम में वाइब्रेंट उत्तराखंड के तत्वाधान में भारतीय मीडिया और इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित चार दिवसीय हिमालयन एमएसएमई एक्सपो के तीसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ब्रह्मपाल सिंह ने शिरकत की। जैविक खेती पर आयोजित सेमिनार में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने एक्सपो के महत्व और प्रदेश की जैविक व औषधीय संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

सतपाल महाराज ने कहा कि यह प्रदर्शनी स्थानीय उत्पादकों और व्यापारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही है। उन्होंने कहा केि उत्तराखंड के लोगों द्वारा जो उत्पाद निर्मित किए जा रहे हैं, उनकी यहां बेहतरीन ढंग से प्रदर्शित हो रही है। बाहर से आने वाले व्यापारी भी यहां आकर यह देख पा रहे हैं कि उत्तराखंड में क्या-क्या नया बन रहा है। उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधनों की समृद्ध परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का इतिहास पौराणिक काल से जड़ी-बूटियों से जुड़ा रहा है। रामायण काल में जब लक्ष्मण जी मूर्छित हुए थे, तब धनवंतरी जी के निर्देश पर हनुमान जी द्रोणागिरी पर्वत से संजीवनी बूटी लाए थे। उत्तराखंड में जड़ी-बूटियों की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने यारसागुम्बा (कीड़ा जड़ी), सी-बकथॉर्न (ले-बेरी), जटामासी और सलाम पंजा जैसी दुर्लभ औषधियों का जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी बेहतरीन इम्युनिटी बूस्टर हैं। कोरोना काल के बाद से लोग अपनी इम्युनिटी को मजबूत करने के लिए आयुर्वेद और प्राकृतिक औषधियों की ओर तेजी से लौटे हैं।

सम्मेलन के दौरान मंत्री ब्रह्मपाल सिंह ने कहा कि फर्टिलाइजर के अत्यधिक प्रयोग से जमीनों का स्वास्थ्य लगातार खराब हो रहा है। इसके साथ ही पॉलिथीन भी पर्यावरण और खेती को भारी नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने जैविक खेती, कंपोस्ट खाद और विशेष रूप से गाय के गोबर की खाद को खेती के लिए अत्यंत लाभकारी बताया गया। उन्होंने कहा कि गाय के गोबर और गोमूत्र में अपार गुण हैं, जो खेतों की उर्वरता बढ़ाते हैं। जब खेतों में गो-आधारित जैविक खाद का उपयोग होगा, तब खेतों में संपन्नता आएगी और देश के किसानों आय भी बढ़ेगी।

एक्सपो के आयोजक भारत बालियान ने बताया कि चार दिन का यह आयोजन अपनी सफलता की ओर बढ़ रहा है प्रदर्शनी के माध्यम से उत्तराखंड सरकार की नीतियां जन-जन तक पहुंची है, एक्सपो में न केवल प्रदर्शन देखने आने वाले बाल की स्टॉल लगाने वाले लोग भी संतुष्ट होकर जा रहे हैं।