कारगिल विजय दिवस पर चमोली ने वीरों को किया शत-शत नमन

 

 

कारगिल विजय दिवस पर चमोली ने वीरों को किया शत-शत नमन

 

शहीदों के परिजनों, वीर नारियों एवं पूर्व सैनिकों का सम्मान, गूंजे देशभक्ति के स्वर

कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) के अवसर पर रविवार को जनपद चमोली में अमर शहीदों के अदम्य साहस, त्याग और बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। जिला पंचायत परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कारगिल के अमर वीरों को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके सर्वोच्च बलिदान को स्मरण किया गया। इस अवसर पर कारगिल युद्ध के वीर शहीदों के परिजनों, वीर नारियों तथा पूर्व सैनिकों को सम्मानित कर राष्ट्र की ओर से उनके अतुलनीय योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कारगिल शहीद राइफलमैन सतीश चंद्र सती के पिता महिषानंद सती रहे। कार्यक्रम में जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, सेना के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पूर्व सैनिक, वीर नारियां तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि कारगिल के वीर सपूतों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की अखंडता, संप्रभुता और सम्मान की रक्षा की। उनका त्याग और शौर्य आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने वीर नारियों के धैर्य, साहस और त्याग को भी राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताते हुए उन्हें नमन किया।

कार्यक्रम के दौरान कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों के परिजनों को सम्मानित कर राष्ट्र की ओर से उनके अद्वितीय त्याग और बलिदान को नमन किया गया। इनमें शहीद नायक कृपाल सिंह के पुत्र अमित रावत, शहीद राइफलमैन सतीश चंद्र सती के पिता महिषानंद सती, शहीद सिपाही हिम्मत सिंह के भाई अव्वल सिंह, शहीद नायक आनंद सिंह के भाई खुशाल सिंह, शहीद नायक दिलबर सिंह के भतीजे रोहित सिंह तथा शहीद अमित नेगी के चाचा बलवंत सिंह सहित अन्य परिजनों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ वीर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

इस दौरान कारगिल युद्ध में अदम्य साहस और वीरता का परिचय देने वाले पूर्व सैनिकों को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में अन्य सैन्य अभियानों में शहीद हुए जवानों के परिजनों एवं वीर नारियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें श्रीमती शांति राणा, श्री गोविंद राम पुरोहित, श्रीमती कुसुम सती, श्रीमती कमला बिष्ट, श्रीमती शकुंतला देवी तथा श्रीमती उखा देवी सहित अन्य परिजनों को सम्मानित कर उनके त्याग और धैर्य को नमन किया गया।

सहायक जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कलम सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कारगिल युद्ध के ऐतिहासिक महत्व, भारतीय सेना के अदम्य शौर्य तथा विजय गाथा की विस्तृत जानकारी साझा की।