गैरसैंण बजट सत्र, हंगामे से ऊपर उठकर जनहित पर हो सार्थक चर्चा की अपील

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में 9 मार्च से प्रस्तावित बजट सत्र को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। पिछले वर्ष बजट सत्र के दौरान विपक्ष के हंगामे से कार्यवाही प्रभावित हुई थी, ऐसे में इस बार सत्ता पक्ष ने सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की है।

विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने सभी दलों के विधायकों से गुटबाजी से ऊपर उठकर जनहित के मुद्दों पर गंभीर और जिम्मेदार चर्चा करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण मंच है, जहां जनता से जुड़े सवालों और विकास से संबंधित विषयों पर सार्थक विमर्श होना चाहिए। केवल सुर्खियां बटोरने या बेवजह हंगामा करने से न तो प्रदेश का भला होगा और न ही लोकतांत्रिक परंपराएं मजबूत होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा सत्र के आयोजन में सरकारी धन और संसाधनों का बड़ा व्यय होता है, इसलिए सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे इसकी गंभीरता को समझें। सवाल उठाना हर विधायक का अधिकार है, लेकिन वह तथ्यों और उद्देश्य के साथ होना चाहिए। सड़क और सदन की चर्चा में अंतर होना चाहिए और हर बहस का केंद्र जनकल्याण होना चाहिए।

चौहान ने भरोसा जताया कि आगामी सत्र में सरकार जनहित से जुड़े मुद्दों पर पूरी तत्परता से जवाब देगी और सदन की कार्यवाही को सार्थक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी में विधायकों को प्रश्नकाल में सक्रिय रहने और जन सरोकारों के विषय उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती मिलती है।

अब देखना होगा कि गैरसैंण में होने वाला यह बजट सत्र प्रदेश के लिए कितनी सार्थक दिशा तय कर पाता है।