देहरादून
चारधाम यात्रा और हरिद्वार में व्यवस्थाओं को लेकर सरकार सख्त, मुख्यमंत्री ने की उच्चस्तरीय समीक्षा।
देवभूमि उत्तराखंड में तीर्थ पर्यटन को लेकर इस वर्ष व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। राज्य सरकार का दावा है कि चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर, सुरक्षित और सुव्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पिछले वर्ष रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बाद इस बार व्यवस्थाओं को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक ने कहा कि बीते साल 60 लाख से अधिक तीर्थयात्री चारधाम यात्रा पर पहुंचे थे, जो राज्य में लगातार बेहतर हो रही व्यवस्थाओं का परिणाम है। उन्होंने बताया कि आगामी यात्रा सत्र को देखते हुए सरकार पूरी तरह सतर्क है और सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने चारधाम मार्ग, स्वास्थ्य सेवाओं, यातायात नियंत्रण, पार्किंग, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इसके साथ ही हरिद्वार में होने वाले धार्मिक आयोजनों को लेकर भी प्रशासन सक्रिय है। कांवड़ यात्रा के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के सफल प्रबंधन का उदाहरण देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि राज्य बड़े आयोजनों को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने में सक्षम है। आगामी अर्धकुंभ की तैयारियों की भी लगातार समीक्षा की जा रही है, और मुख्यमंत्री स्वयं व्यवस्थाओं का जायजा लेने हरिद्वार पहुंचे।
सरकार का कहना है कि तीर्थाटन राज्य की आस्था और अर्थव्यवस्था दोनों से जुड़ा विषय है, इसलिए सुरक्षा, सफाई, यातायात और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत किया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के अनुरूप बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें।