डॉ. नित्यानंद की जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर दून विश्वविद्यालय, केदारपुर देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. नित्यानंद जी ने अपने पूरे जीवन में हिमालय, पर्यावरण और सीमांत क्षेत्रों की चिंता की। उन्होंने बहुत पहले ही हिमालयी क्षेत्रों में विकास और पर्यावरण संतुलन को लेकर जो दृष्टि रखी थी, वह आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। मुख्यमंत्री ने बताया कि डॉ. नित्यानंद जी के नाम से संचालित शोध केंद्र विकास, पर्यावरण और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य कर रहा है, जिसे राज्य सरकार और आगे बढ़ाएगी। सीमांत क्षेत्रों में गिरती डेमोग्राफी और पलायन को लेकर उनकी सोच आज भी एक बड़ी चेतावनी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चल रही वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत राज्य सरकार भी सीमांत क्षेत्रों में सुविधाएं बढ़ाकर पलायन रोकने और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए काम कर रही है।