देहरादून
प्रदूषण प्रमाणपत्र को लेकर सख्ती, सरकारी वाहनों पर भी चलेगा परिवहन विभाग का अभियान।
परिवहन विभाग ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए अब सरकारी वाहनों पर भी कड़ा रुख अपनाया है। हाल ही में किए गए विश्लेषण में यह सामने आया है कि विभिन्न सरकारी विभागों की बड़ी संख्या में ऐसी गाड़ियां सड़कों पर चल रही हैं, जिनका प्रदूषण प्रमाणपत्र (पीयूसी) समाप्त हो चुका है। इसे गंभीरता से लेते हुए विभाग ने इन वाहनों को चिन्हित कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने बताया कि जांच के दौरान करीब 731 सरकारी वाहन ऐसे पाए गए, जिनका प्रदूषण सर्टिफिकेट वैध नहीं है। इनमें वन विभाग, पुलिस विभाग, पशुपालन विभाग सहित कई अन्य विभागों की गाड़ियां शामिल हैं। सभी चिन्हित वाहनों की सूची तैयार कर संबंधित विभागों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिस में एक सप्ताह के भीतर प्रदूषण प्रमाणपत्र नवीनीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि तय समयसीमा के भीतर अनुपालन न होने पर चालान की कार्रवाई की जाएगी, जिसमें 2500 रुपये का जुर्माना और वाहन चालक का लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया जाएगा। इससे न केवल चालक को बल्कि वाहन का उपयोग करने वाले अधिकारी को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। परिवहन विभाग ने सभी सरकारी कार्यालयों से अपील की है कि वे समय रहते अपने वाहनों के दस्तावेज वैध करवा लें।