बनबसा में बोले मुख्यमंत्री : “पारदर्शिता और निष्ठा ही युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी

नक़ल  विरोधी कानून से पारदर्शी रोजगार तक: मुख्यमंत्री ने बनबसा में युवाओं के सवालों के दिए सीधे जवाब।

बनबसा में बोले मुख्यमंत्री : “पारदर्शिता और निष्ठा ही युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी

प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के दौरान जनपद चंपावत के बनबसा में आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम में सहभागिता की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने निर्धारित समयानुसार युवा संवाद एवं सम्मान समारोह में प्रतिभाग हेतु होटल शुमंगलम बनाबसा पंहुचे, जहां जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक श्रीमती रेखा यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं युवाओं द्वारा मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया।

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के साथ हुआ, जिसके पश्चात कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं द्वारा स्वागत गीत की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी युवाओं का हार्दिक अभिनंदन एवं स्वागत कर उनके प्रश्नों व जिज्ञासाओं के प्रत्यक्ष उत्तर देकर संवाद स्थापित किया।संवाद के दौरान छात्रा मिलन कलखुड़िया द्वारा मुख्यमंत्री के जीवन सफर पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में पुष्कर सिंह धामी ने अपनी संक्षिप्त जीवनी, शिक्षा, युवावस्था और राजनीतिक यात्रा के अनुभव साझा किए। उन्होंने प्रेरणा देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति जन्म से महान नहीं होता, बल्कि अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी और मनोयोग से निर्वहन कर महान बनता है। कार्यक्रम में छात्रा प्रीति पांडे द्वारा नकल विरोधी कानून की सराहना की एवं स्थानीय परीक्षा केंद्र टनकपुर में भी बनाए जाने के अनुरोध किया इस पर मा मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर में परीक्षा केंद्र स्थापित करने हेतु उचित प्रयास किया गया।छात्र रोहित शर्मा द्वारा नशे के खिलाफ संदेश संबंधी जिज्ञासा पर मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को रेखांकित करते हुए ‘ड्रग फ्री उत्तराखंड’ अभियान की चर्चा की और युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने व दूसरों को प्रेरित करने का आह्वान किया।वैभवी जोशी द्वारा जनमानस में प्रचलित उपनामों व जीवन शैली पर किए गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेशवासियों का स्नेह बताया और कहा कि विषम परिस्थितियों में धैर्य धारण कर जनसेवा करना ही उनकी प्राथमिकता है। छात्र सुमित सिंह नायक द्वारा यूसीसी कानून, नकल विरोधी कानून एवं अवस्थापना विकास पर पूछे गए प्रश्न के क्रम में मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि चंपावत में 56 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक साइंस सेंटर का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे युवाओं को विज्ञान व तकनीक का ज्ञान प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि नकल विरोधी सख्त कानूनों से पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और अब तक 34,000 से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं।छात्र नमन पुरी द्वारा युवा आयोग के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में युवा आयोग का गठन किया जा रहा है, जो प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को सही दिशा, मार्गदर्शन, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम के अंत में छात्र अंकित भट्ट द्वारा मुख्यमंत्री के साथ पहाड़ी भाषा में संवाद कर भी किया गया। जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी पहाड़ी भाषा में जवाब दिया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के बूथ स्तर से लेकर महाविद्यालयों और सड़कों पर कार्यकर्ता के रूप में किए गए संघर्ष और अनुशासन ने ही आज उनके प्रशासनिक जीवन को दिशा दी है। उन्होंने कहा निष्ठा और परिश्रम के बल पर साधारण व्यक्ति भी सर्वोच्च पद तक पहुँच सकता है, देश की 65 प्रतिशत युवा आबादी को 21वीं सदी की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख किया और कहा कि सही मार्गदर्शन मिलने पर यही युवा शक्ति देश का परिदृश्य बदल सकती है। अपने “विकल्प रहित संकल्प” को दोहराते हुए कहा कि राज्य में पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन रोकने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए अल्मोड़ा, चमोली और पौड़ी जैसे जनपदों में औद्योगिक पार्क स्थापित किए जा रहे हैं। युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए ‘युवा आयोग’ का गठन किया जा रहा है, जबकि देश के सबसे सख्त नकल विरोधी कानून के माध्यम से अब तक 34,000 से अधिक पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त नियुक्तियाँ संपन्न कराई जा चुकी हैं। सीमांत क्षेत्रों के विकास के अंतर्गत चम्पावत में आधुनिक पुस्तकालय, राजकीय पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज, साइंस सेंटर और राज्य के पहले बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज जैसी आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया जा रहा है। अंत में, उन्होंने कहा कि जब सरकार युवाओं के हित में यूसीसी, सख्त नकल विरोधी कानून, शिक्षा प्राधिकरण का गठन और अवैध अतिक्रमण हटाने जैसे ऐतिहासिक कदम उठा रही है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जिले के बनबसा में आयोजित “युवा संवाद” कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, खेल, समाज सेवा, स्वरोजगार तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली स्थानीय युवा प्रतिभाओं को राजकीय सम्मान प्रदान कर प्रोत्साहित किया।समारोह में नीट परीक्षा में सफल बसटिया की कु. हिमानी विश्वकर्मा, अमेजॉन में 47 लाख रुपये का सालाना पैकेज प्राप्त करने वाली बिचई की श्वेता चंद और राष्ट्रीय पैरा आर्म रैसलिंग के स्वर्ण पदक विजेता टनकपुर के पवन गढकोटी को सम्मानित किया गया। खेल व दिव्यांग कल्याण में राज्य स्तरीय दक्षता पुरस्कार विजेता बनबसा के संदीप रस्तोगी, निःशुल्क गौ सेवक पवन मेहता, नशा मुक्ति अभियान के संचालक मनीष सिंह तथा स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सेवारत अजंता विजय को भी मंच से सम्मानित किया गया।

इसके साथ ही, बागवानी से स्वरोजगार स्थापित करने वाले चंपावत के कमल गिरी, माउंट एवरेस्ट विजेता पर्वतारोही वीरेंद्र सिंह सामंत, लोक संस्कृति व मीडिया इंफ्लुएंसर तरुण भट्ट तथा युवतियों को सेना व पुलिस भर्ती की निःशुल्क ट्रेनिंग देने वाली बनबसा की अरुणिमा रावत को भी उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।