उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच का दो दिवसीय सम्मेलन आज संपन्न हो गया।

उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच का दो दिवसीय सम्मेलन आज संपन्न हो गया। सम्मेलन में प्रदेशभर से पहुंचे राज्य आंदोलनकारियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया। दो दिनों तक चले इस सम्मेलन को चार सत्रों में बांटा गया, जिसमें राज्य के विकास और आंदोलनकारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंथन किया गया।

सम्मेलन के अंतिम दिन पहुंचे कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों की मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। वहीं, राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण की मांग पर भी उन्होंने सकारात्मक रुख का संकेत दिया।

उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने कहा कि दो दिनों तक चले इस मंथन में राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। सम्मेलन में पहुंचे मंत्रियों और नेताओं ने भी माना कि उत्तराखंड ने विकास के क्षेत्र में प्रगति की है, लेकिन जिस अवधारणा और उद्देश्यों को लेकर राज्य का निर्माण हुआ था, वह अभी पूरी तरह साकार नहीं हो पाया है।

आंदोलनकारियों ने पेंशन, लंबित चिन्हीकरण, मजबूत लोकायुक्त व्यवस्था और गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।