देहरादून
प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को रथ से जाकर संगम स्नान करने से रोकने के बाद नए विवाद ने जन्म ले लिया है, आपको बता दे प्रयागराज के साथ साथ यह विषय अब उत्तराखंड में भी पैर पासरता हुआ नज़र आ रहा है, देवभूमि के तीर्थपुरोहित सहित अन्य संत समाज भी भाजपा पर हमला करते दिखाई दे रहे है वही संत समाज को अपमानित करने का आरोप भी लगा रहे है वही इस विषय पर भाजपा विधायक विनोद चमोली का कहना है कि पिछले वर्ष कुम्भ के दौरन घटना घटित हो गयी थी जिसके कारण वहा सुव्यवस्था की दृष्टि से शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को पैदल चलने के लिए आग्रह किया गया था, लेकिन शंकराचार्य के शिष्यों द्वारा प्रशासन के साथ धक्का-मुक्की के कारण यह विषय बढ़ता दिखाई दिया__उन्होने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को किसी भी प्रकार से अपमानित करने का काम नही किया गया है और जिनके द्वारा भी अभद्रता करने के विषयों को उजागर किया जा रहा है, वह एकदम गलत है।