देहरादून। उत्तराखंड में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआरआर) प्रक्रिया को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने पूरी तैयारी के साथ सक्रियता बढ़ा दी है। इसी क्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक संगठित कर अभियान को जमीन पर प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार की जा रही है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी राज्य हित में एसआरआर का पूर्ण समर्थन करती है और इसका उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों की असली जनसंख्या को सही रूप में दर्ज कराना है, ताकि भविष्य की नीतियों और संसाधनों के वितरण में कोई कमी न रहे।
भट्ट ने बताया कि प्रवासी उत्तराखंडियों का पहाड़ से जुड़ाव मजबूत रहे और उनकी उपस्थिति आंकड़ों में दर्ज हो, इसी सोच के साथ “मेरी गणना – मेरा गांव” अभियान चलाया गया है, जिसमें बाहर रह रहे लोगों से अपने मूल गांव में जनगणना करवाने का आह्वान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पलायन कर चुके लोग भी अपने गांव में पंजीकरण कराएं तो जनसंख्या के आंकड़े मजबूत होंगे और विकास योजनाओं के लिए आवंटन बढ़ेगा।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी जल्द ही एसआरआर के लिए विशेष टीम गठित कर रही है, जो बूथ स्तर पर मतदाता सूची शुद्धिकरण, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और फर्जी व दोहरे वोटों की पहचान में सहयोग करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा निर्वाचन आयोग के साथ पूरी तत्परता से काम कर रही है और पारदर्शी व सही मतदाता सूची राज्य के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करेगी।
भट्ट ने कहा कि यह अभियान केवल चुनावी प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि पहाड़ की जनसंख्या और भविष्य की नीतियों से गहराई से जुड़ा विषय है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे लोगों को अपने दस्तावेज अपडेट कराने, नए मतदाताओं को जोड़ने और एसआरआर प्रक्रिया की समयसीमा के बारे में जागरूक करें।
बीजेपी का मानना है कि संगठनात्मक मजबूती और जनता की सक्रिय भागीदारी से एसआरआर के परिणाम और प्रभावी होंगे। पार्टी जल्द ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान भी चलाने की तैयारी में है।