दरअसल अग्निवीर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और बेहतर बनाने की दिशा में धामी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बीते दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अग्निवीर रोजगार सेल के गठन को मंजूरी दी गई है। इस सेल का उद्देश्य सेना में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद वापस लौटने वाले अग्निवीरों को उनकी योग्यता, कौशल और सैन्य अनुभव के आधार पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। रोजगार सेल के जरिए केंद्र और राज्य सरकार, पीएसयू, पैरामिलिट्री फोर्स, सरकारी विभागों और निजी कंपनियों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही अग्निवीरों को सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सुविधाओं और स्वरोजगार की जानकारी देने के साथ जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार के मुताबिक, अग्निवीरों के लिए डिजिटल पोर्टल भी तैयार किया जाएगा, जिससे रोजगार से जुड़ी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध हो सकें। उत्तराखंड सरकार पहले ही अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था कर चुकी है।