औद्यानिक परिषद की बोर्ड बैठक में उत्पादों के लिए बाजार विस्तार और निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर
गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल में एक-एक हाईटेक नर्सरियों की होगी स्थापना
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के बाद सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) वाहिनियों के साथ हुआ एमओयू
किसानों बाजार उपलब्ध कराने के लिए एसएसबी के साथ एमओयू
कृषि मंत्री गणेश जोशी की अध्यक्षता में राजकीय उद्यान, सर्किट हाउस में उत्तराखण्ड औद्यानिक परिषद की 9वीं सामान्य सभा की बैठक हुई। बैठक में किसानों और उद्यानिकी से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
स्थानीय किसानों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराने के लिए आईटीबीपी की तर्ज पर एसएसबी की चम्पावत, अल्मोड़ा और रानीखेत वाहिनियों को स्थानीय स्तर पर उत्पादित ताजे फल और सब्जियों की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए औद्यानिक परिषद, एसएसबी और उद्यान विभाग के बीच त्रिपक्षीय एमओयू हुआ।
आईटीबीपी के साथ पहले से हुए समझौते के तहत 1 अप्रैल 2026 से पांच जिलों की करीब 12 फॉरवर्ड पोस्टों को 42,757 किलो ताजे फल-सब्जियों की आपूर्ति की गई, जिससे किसानों को करीब ₹22.70 लाख की आय हुई। अब स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति 25 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने पर भी सहमति बनी है।
आईटीबीपी को आपूर्ति के लिए समर्पित ई-पोर्टल विकसित करने को वित्तीय एवं प्रशासनिक मंजूरी दी गई। साथ ही उद्यानिकी उत्पादों की आधुनिक पैकेजिंग के लिए भारतीय पैकेजिंग संस्थान, मुंबई के साथ एमओयू और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एपीडा के सहयोग से एकीकृत पैक हाउस स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
बैठक में गुणवत्तायुक्त कीवी पौध सामग्री के उत्पादन के लिए हाईटेक नर्सरी और गढ़वाल-कुमाऊं में दो हाईटेक नर्सरियां स्थापित करने को भी मंजूरी दी गई। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को बेहतर बाजार, गुणवत्तायुक्त रोपण सामग्री और निर्यात की सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।