उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, जो अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं, उन्हें अपने एक विवादित बयान पर आखिरकार बैकफुट पर आना पड़ा है।

देहरादून

 

उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, जो अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं, उन्हें अपने एक विवादित बयान पर आखिरकार बैकफुट पर आना पड़ा है। दो दिन पहले अपने विधानसभा क्षेत्र मसूरी में दिए बयान में कुछ पत्रकारों को ‘टटपुंजिया’ करार दिया था जिस बयान को लेकर मीडिया में मंत्री जी की बड़ी किरकिरी हो रही थी जिसको देखते हुए आज मंत्री जी ने अपने उस बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है।

मामला दो दिन पुराना है, जब कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मीडिया के एक वर्ग पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘टटपुंजिया पत्रकार’ कह डाला था। इस बयान के बाद पत्रकार जगत और सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश देखने को मिला। पत्रकारों के संगठनों ने इस भाषा को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का अपमान बताया और मंत्री जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

​चौतरफा दबाव और बढ़ते विवाद को देखते हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अपनी गलती का अहसास किया। उन्होंने एक नया बयान जारी कर कहा:

​”अगर मेरे किसी शब्द से पत्रकार मित्रों की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं इसके लिए खेद व्यक्त करता हूं। मेरा मकसद किसी का अपमान करना नहीं था।”

 

गणेश जोशी का कहना है कि वह हमेशा मीडिया का सम्मान करते आए हैं और उनके बयान को गलत संदर्भ में लिया गया। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि सार्वजनिक जीवन में बैठे नेताओं की जुबान आखिर इतनी बेलगाम क्यों हो जाती है कि बाद में उन्हें खेद प्रकट करना पड़े? बहरहाल, मंत्री जी की इस माफी के बाद क्या यह विवाद थमेगा, यह देखने वाली बात होगी।