देहरादून
उत्तराखंड की राजनीति में ‘हरदा’ के नाम से पहचान रखने वाले पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के जीवन का राजनीतिक, सामाजिक और भावनात्मक सफर अब पर्दे पर दिखाई देगा। आज देहरादून में उनकी जीवन यात्रा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री ‘उत्तराखंडियत की ओर’ रिलीज कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस डॉक्यूमेंट्री में उत्तराखंड आंदोलन, पहाड़ की संवेदनाओं और एक ऐसे नेता की कहानी बताने की कोशिश है जिसने दशकों तक गांव, किसान, पहाड़ और पलायन जैसे मुद्दों को अपनी राजनीति का केंद्र बनाया।
यह डॉक्यूमेंट्री हरीश रावत के जीवन के ‘कुछ महत्वपूर्ण क्षणों’ को समेटती है।
डॉक्यूमेंट्री का लोकार्पण कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण और दीप प्रज्वलन से हुई
हरीश रावत लंबे समय से ‘उत्तराखंडियत’ शब्द को अपनी राजनीति का केंद्र बताते रहे हैं। उनका मानना है कि उत्तराखंडियत केवल एक शब्द नहीं, बल्कि पहाड़ की संस्कृति, गांव, लोकभाषा, खेती, पलायन, परंपरा और संवेदनाओं का विचार है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने ‘उत्तराखंड’ और ‘उत्तराखंडियत’ दोनों शब्द समाज और आंदोलन से जुड़े लोगों से सीखे। अब वे उसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।