देहरादून
देहरादून में छठ महापर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। व्रतियों ने खरना कर 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू किया। शाम को अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य दिया गया। शहर के 23 छठ घाटों को विशेष रूप से सजाया गया है। बिहारी महासभा और अन्य समितियों ने तैयारियां की हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस की कई टीमें तैनात हैं। राजधानी देहरादून के प्रेम नगर में टोंस नदी के किनारे भी हजारों की संख्या में व्रतियों ने छठ महापर्व मनाया। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भी पूरे परिवार के साथ घाट पर पहुंचकर छठ महापर्व मनाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छठ महापर्व एक बहुत ही प्राचीन लोक पर्व है जिसमें सूर्य देव और छठी मईया की आराधना की जाती है।यह एक प्रकृति की पूजा है। और इसमें डूबते हुए सूर्य और उगते हुए सूर्य को पूजा जाता है। यह महापर्व पूरे समाज में समरसता पैदा करता है। वही व्रती रश्मि बर्द्धन ने कहा कि तीन दिन के उपवास को रखकर यह महा पर्व मनाया जाता है और प्रकृति को धन्यवाद दिया जाता है। वही इस अवसर पर बिहार महासभा के अध्यक्ष ललन सिंह ने सभी प्रदेशवासियों को महापर्व की बधाई देते हुए कहा कि बिहार महासभा प्रत्येक वर्ष धूमधाम से राजधानी देहरादून में कई जगहों पर इस महापर्व का आयोजन करता है। वही इस अवसर पर महिला छठ वर्ती ने लोगों से अपील की कि वह नदी की साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।