उत्तराखंड, जिसे देश का सबसे सख्त ‘नकल विरोधी कानून’ लाने के लिए जाना जाता है

देहरादून

 

उत्तराखंड, जिसे देश का सबसे सख्त ‘नकल विरोधी कानून’ लाने के लिए जाना जाता है, आज वहीं के युवा पूछ रहे हैं कि अगर कानून इतना सख्त है, तो बार-बार पेपर लीक के तार देहरादून से क्यों जुड़ रहे हैं? माता-पिता परेशान हैं क्योंकि उनकी गाढ़ी कमाई कोचिंग संस्थानों और फॉर्म भरने में जा चुकी है, और छात्र हताश हैं क्योंकि उन्हें नहीं पता कि कल की सुबह री-एग्जाम की तारीख लेकर आएगी या फिर से एक और तारीख का इंतजार।”

“जाहिर है, पानी अब सिर से ऊपर जा चुका है। छात्रों की मांग अब सिर्फ जांच की नहीं, बल्कि इस पूरी परीक्षा प्रणाली को बदलने और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने की है। दिल्ली से लेकर देहरादून तक बैठी सरकारें इन नौजवानों के आंसुओं और इस आक्रोश का जवाब देने में असहज हैं,इस पूरे मामले पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद महेन्द्र भट्ट ने कहा हालांकि यह पूरा मामला गंभीर है इस नही होना चाहिए था लेकिन इस पूरे मामले पर केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान एक ठोस रणनीति तैयार कर रहे भविष्य में युवाओं के साथ अन्याय न हो हमारी सरकार इसको लेकर चिंतित है।