आज के समय में बच्चों को पढ़ाई और योग के प्रति आकर्षित करना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

देहरादून

 

आज के समय में बच्चों को पढ़ाई और योग के प्रति आकर्षित करना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। इसको लेकर आचार्य बालकृष्ण ने महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि बच्चों को किसी भी चीज के लिए जबरदस्ती मजबूर नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें खेल-खेल में सिखाने की आदत विकसित करनी चाहिए। उनका मानना है कि छोटी-छोटी कविताएं, सरल अभ्यास और आसान योगासन बच्चों को सहज रूप से सीखने के लिए प्रेरित करते हैं।उन्होंने बताया कि यदि बच्चों को व्यावहारिक तरीके से और रुचिकर ढंग से पढ़ाया जाए तो वे जल्दी सीखते हैं और उसमें आनंद भी लेते हैं। साथ ही बच्चे सीखी हुई चीजों को अपने घर के अन्य सदस्यों को भी सिखाने लगते हैं, जिससे एक सकारात्मक माहौल बनता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बच्चों को शुरुआत से ही सही दिशा में जोड़ना बेहद जरूरी है, ताकि उनका शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर हो सके।