रामनगर के पीएनजीपीजी महाविद्यालय में आयोजित युवा आकांक्षा कार्यक्रम – युवाओं की बात हरीश रावत के साथ, कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शिरकत की।

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रामनगर के पीएनजीपीजी महाविद्यालय में आयोजित युवा आकांक्षा कार्यक्रम – युवाओं की बात हरीश रावत के साथ, कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शिरकत की,इस दौरान उन्होंने युवाओं की आकांक्षाओं, धार्मिक मुद्दों, गैरसैंण और पर्यटन नगरी में गैस संकट जैसे कई विषयों पर अपनी प्रतिक्रिया दी.

रामनगर के पीएनजीपीजी महाविद्यालय में आयोजित युवा आकांक्षा कार्यक्रम, युवाओं की बात हरीश रावत के साथ में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पहुंचे,कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी, ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी, पूर्व दर्जा मंत्री पुष्कर दुर्गापाल, पूर्व और वर्तमान छात्रसंघ पदाधिकारी तथा पूर्व और वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया,इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि युवा आकांक्षा एक बेहद महत्वपूर्ण विषय है, जिसे समझना समाज, राज्य और देश के लिए जरूरी है, उन्होंने कहा कि कई युवा साथियों, जिनमें संजय नेगी, आनंद रावत और अन्य युवाओं ने उनसे आग्रह किया कि वे युवाओं के साथ बैठकर उनकी बात सुनें, इसी उद्देश्य से वह रामनगर आए हैं,उन्होंने कहा कि वह यहां युवाओं की आकांक्षाओं को समझने और उनकी समस्याओं को जानने के लिए पहुंचे हैं,यदि युवाओं के सुझावों में कोई ऐसी बात सामने आती है जिसमें उनकी भूमिका या मार्गदर्शन की आवश्यकता होगी, तो वह उसे आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे.

हरीश रावत ने कहा कि कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से लोग आए हैं, जिनमें हल्द्वानी, नैनीताल और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं,उन्होंने कहा कि आज सबसे अधिक अपेक्षाएं उस युवा वर्ग से हैं जो 40 से 45 वर्ष की आयु के बीच है और कई बार निराशा का सामना कर रहा है,ऐसे में उनकी आकांक्षाओं को समझना और उनके लिए विकास के नए अवसर तैयार करना बेहद जरूरी है.वहीं बदरी-केदार मंदिर समिति द्वारा उत्तराखंड के 47 मंदिरों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक के प्रस्ताव को लेकर पूछे गए सवाल पर हरीश रावत ने कहा कि यह केवल प्रचार का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि वास्तव में ऐसा कोई बड़ा मुद्दा नहीं है,उन्होंने कहा कि हरिद्वार के हर की पैड़ी का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां वर्षों से स्थानीय स्तर पर कुछ परंपराएं चली आ रही हैं और लोग उनका सम्मान करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के मुद्दों को उठाकर भाजपा का प्रचार तंत्र सनातन धर्म की उदार छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है.

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज द्वारा गैरसैंण विधानसभा भवन को बारात घर के रूप में उपयोग करने के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए हरीश रावत ने तंज कसते हुए कहा कि यदि ऐसा करना ही है तो उसे बारात घर नहीं बल्कि सत्संग भवन बना देना चाहिए,उन्होंने कहा कि गैरसैंण से राज्य के करोड़ों लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं और इस तरह के बयान उन भावनाओं का अपमान हैं,उन्होंने कहा कि पहले गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया गया और अब इसे पर्यटन स्थल या अन्य उपयोग के लिए बताना समझ का दिवालियापन दर्शाता है.

वहीं पर्यटन नगरी रामनगर और नैनीताल में गैस की किल्लत को लेकर उन्होंने कहा कि दूर-दराज के क्षेत्रों में गैस की भारी कमी देखी जा रही है, राज्य सरकार को इस मामले में तुरंत सक्रिय होना चाहिए ताकि गरीब उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिल सके.

उन्होंने कहा कि पर्यटन सीजन के दौरान होटल और अन्य पर्यटन व्यवसाय भी गैस की कमी से प्रभावित हो रहे हैं, जिससे कारोबारियों में चिंता बढ़ रही है।

अपने पुत्र आनंद रावत के रामनगर से चुनाव लड़ने के सवाल पर हरीश रावत ने कहा कि अभी यह तय नहीं है कि आनंद रावत कहां से चुनाव की तैयारी करेंगे।