उत्तराखंड पर्यटन को नई ऊंचाई देने वाला देहरादून-मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट तेज गति पकड़ रहा है।

देहरादून

 

उत्तराखंड पर्यटन को नई ऊंचाई देने वाला देहरादून-मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट तेज गति पकड़ रहा है। उत्तराखंड पर्यटन को नई ऊंचाई देने वाला देहरादून-मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट तेज गति पकड़ रहा है।पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि निर्धारित लक्ष्य के अनुसार काम संतोषजनक रूप से चल रहा है और भारत का सबसे लंबा पैसेंजर रोपवे बनकर उभरेगा। कुल 26 टावरों के फाउंडेशन पूरे हो चुके हैं, अब पिलर्स का इरेक्शन और अन्य निर्माण कार्य जोर-शोर से जारी हैं। सामग्री समय पर पहुंच चुकी है। दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है, लेकिन मौजूदा प्रगति को देखते हुए इससे पहले भी चालू हो सकता है। यह 5.2 किमी लंबा मोनोकेबल डिटैचेबल गोंडोला सिस्टम दोनों दिशाओं में चलेगा और प्रति घंटे 500 से अधिक यात्री (कुछ रिपोर्ट्स में 1,300 तक) ले जा सकेगा। इससे देहरादून-मसूरी मार्ग पर ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी, खासकर चार धाम यात्रा और पर्यटन सीजन में। वर्तमान 1-2 घंटे का सफर अब मात्र 15-20 मिनट में पूरा होगा, साथ में शानदार हिमालयी नजारे। वैकल्पिक सड़क मार्ग (पुरुकुल से लोअर टर्मिनल तक) पर पीडब्ल्यूडी विभाग तेज काम कर रहा है—डीपीआर, फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिल चुका, पेड़ कटान शुरू। दोनों प्रोजेक्ट समय से पहले पूरे होने की मजबूत उम्मीद है। यह पर्यावरण-अनुकूल परियोजना पर्यटन को बूस्ट देगी और ट्रैफिक मैनेजमेंट में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। 2027 से पर्यटक रोपवे का मजा ले सकेंगे!