साइबर धोखाधड़ी करने वाले अभियुक्त को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार

 

साइबर सेल देहरादून से प्राप्त संदिग्ध म्यूल अकाउंटों की सूची के आधार पर कोतवाली विकासनगर पुलिस द्वारा भारतीय स्टेट बैंक, मेन रोड विकासनगर से संबंधित एक बैंक खाते की जांच के दौरान समन्वय/जेएमआईएस पोर्टल के माध्यम से उक्त बैंक खाते के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई तो उक्त बैंक खाते का साइबर धोखाधडी में प्रयोग होना तथा उक्त बैंक खाते में साइबर धोखाधड़ी करें 50 हजार रू0 की धनराशि प्राप्त किया जाना प्रकाश में आया, साथ ही उक्त धोखाधडी के सम्बंध में साइबर क्राइम पोर्टल में शिकायत के दर्ज होने की जानकारी मिली। जांच के दौरान प्राप्त प्रारंभिक साक्ष्यों एवं पोर्टल पर उपलब्ध शिकायत के अवलोकन से प्रथम दृष्टया उक्त बैंक खाते का उपयोग साइबर अपराध से अर्जित धनराशि के लेन-देन के लिए म्यूल अकाउंट के रूप में किया जाना प्रकाश में आने पर एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर कोतवाली विकासनगर में अज्ञात के विरुद्ध मु0अ0सं0-257/2026, धारा 318(4) बीएनएस पंजीकृत किया गया था।

की गई कार्यवाही का विवरण :-

अभियोग की विवेचना के दौरान उक्त खाताधारक के सम्बंध में जानकारी प्राप्त करते हुए पुलिस द्वारा खाताधारक से आवश्यक पूछताछ की गई, तो खाताधारक महिला द्वारा बताया गया कि वह किडनी की पेंसट है तथा चमन नाम के व्यक्ति द्वारा उनके डायलसिस के लिये सरकारी मदद मिलने का झांसा देकर उनका उक्त बैंक खाता खुलवाया था तथा खाते से सम्बन्धित समस्त दस्तावेज, एटीएम, पासबुक आदि व खाते से लिंक मोबाईल नम्बर को भी चमन द्वारा अपने पास रख लिया था। पीडित महिला से पूछताछ के आधार पर प्रकाश में आये अभियुक्त चमन के सम्बंध में पुलिस द्वारा सर्विलांस व अन्य माध्यमों से जानकारी प्राप्त की गई तथा प्राप्त जानकारी के आधार पर दिनांक 21/10/2026 को अभियुक्त चमन को पुल नं0 01 विकासनगर से गिरफ्तार किया गया, जिसके कब्जे से 02 बैंक पासबुक, 01 एटीएम कार्ड एवं 01 सिम कार्ड बरामद हुआ।

पूछताछ में अभियुक्त द्वारा बताया गया कि उसके द्वारा अपने पडोस में रहने वाली महिला को किडनी की बीमारी के उपचार हेतु आर्थिक सहायता दिलाने तथा अन्य लाभ प्रदान करने का प्रलोभन देकर उसका भारतीय स्टेट बैंक एवं केनरा बैंक, विकासनगर में बैंक खाते खुलवाए थे तथा महिला के खुलवाये गये खातों का प्रयोग उसके द्वारा साईबर धाखोधडी में किया गया था। उक्त खातों में जो भी धनराशि आयी थी उसे उसके द्वारा ही अपने पास पहले से रखे एटीएम के माध्यम से निकाल लिया था, पीड़ित महिला को उसके द्वारा खातों के एवज में कोई धनराशि नहीं दी गईं थी। गिरफ्तार अभियुक्त पूर्व में भी मादक पदार्थो की तस्करी में जेल जा चुका है।