उत्तराखंड कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष बदलने के साथ-साथ चुनाव संचालन की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की कांग्रेस के इस कदम को भाजपा सबसे बड़ा असंतोष करार दे रही है।

देहरादून

 

 

उत्तराखंड कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष बदलने के साथ-साथ चुनाव संचालन की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की कांग्रेस के इस कदम को भाजपा सबसे बड़ा असंतोष करार दे रही है भाजपा विधायक और प्रवक्ता विनोद चमोली का मानना है कि आमतौर पर चुनाव के संचालन की जिम्मेदारी चुनाव से कुछ दिन पूर्व दी जाती है कांग्रेस ने अपने पांव में कुल्हाड़ी मारते हुए यह निर्णय अभी ले लिया है जिससे पार्टी के अंदर अभी से असंतोष फैलना शुरू हो गया है इसकी कुछ झलकियां देखने को भी मिल रही है हरीश रावत अपने कार्यकर्ताओं को विश पुरुष करार दे रहे हैं तो हरक सिंह रावत फ्यूज और फुके हुए कारतूसों को टिकट न देने की बात कह रहे हैं उस पर भी हरीश रावत कटाक्ष कर रहे हैं और कह रहे हैं कि फुके हुए कारतूसों के धोखे भी कभी बहुत काम आ जाते हैं चमोली के अनुसार असंतोष का प्रमाण प्रदेश अध्यक्ष की ताजपोसी के दिन भी देखने को मिला जब कांग्रेस का मंच सजा था और तमाम वरिष्ठ कांग्रेसी मंच पर बैठे हुए थे तो हरक सिंह रावत ने स्वागत संबोधन में अपने सबसे वरिष्ठ नेता हरीश रावत का नाम सबसे आखिर में लिया और कहा की भाई साहब मैं आपको भूल गया था यह कोई गलती नहीं बल्कि हरक सिंह रावत की सोची समझी रणनीति थी लिहाजा कांग्रेस ने नए अध्यक्ष के ताजपोसी के दिन से ही हरीश रावत को भूलना और उन्हीं के खिलाफ बयान बाजी करना शुरू कर दिया है ऐसे में भला कांग्रेस कैसे मजबूत हो पाएगी और कैसे चुनाव जीत पाएगी इसकी बानगी तो अभी से दिखने लगी है।