कार्यालय वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ. उत्तराखण्ड

 

उत्तराखण्ड एसटीएफ के साईबर थाना कुमाऊँ परिक्षेत्र द्वारा 1,20,18,000 (1 करोड 20 लाख 18 हजार) रूपये की साईबर धोखाधडी (डिजिटल अरेस्ट) के अभियुक्त को मालदा, पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया।

अपराधियों द्वारा पीडिता (वरिष्ठ नागरिक) को घर पर व्हाटसप कॉल के माध्यम से किया गया था 12 दिनो तक “डिजिटल अरेस्ट”।

टेलीकॉम रेग्यूलेटरी विभाग के नाम पर पीडित को व्हाटसप कॉल पर डिजिटल अरेस्ट कर की गयी थी साईबर धोखाधडी।

साईबर अपराधियों द्वारा पीडिता के आधार कार्ड केनरा बैंक के खाते से लिंक होने तथा 5000 लोगों द्वारा धनराशि स्थानान्तरित की गयी तथा 5000 FIR रजिस्टर्ड होने की बात कही गयी ।

पीडिता के सभी बैंक खातों का वैरिफिकेशन किये जाने की बात कहकर व्हाटसप कॉल पर ही डरा धमकाकर कानूनी कार्यवाही का भय दिखा कर डिजिटल अरेस्ट करते हुए विभिन्न खातों में कुल 1,20,18,000 (1 करोड 20 लाख 18 हजार) रूपये स्थानान्तरित करवाये गये थे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0, द्वारा जानकारी देते हुये बताया कि एक प्रकरण जनपद अल्मोडा निवासी पीड़िता द्वारा माह जनवरी 2026 में दर्ज कराया जिसमें उनके द्वारा बताया गया कि दिसम्बर 2025 में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा स्वयं को टेलीकॉम रेग्यूलेटरी विभाग से बताते हुए पीडिता के आधार कार्ड जो केनरा बैंक के खाते से लिंक होने तथा उसमें 5000 लोगों द्वारा धनराशि स्थानान्तरित किया जाना तथा पीडिता के विरूद्ध 5000 FIR पंजीकृत होने के बात कहकर डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर व्हाटसप कॉल के माध्यम से पीडिता को “डिजिटली अरेस्ट” करते हुए 12 दिनों में विभिन्न खातों में कुल 1,20,18,000 रूपये की धनराशि धोखाधडीपूर्वक जमा करायी गयी थी ।

 

प्रकरण की गंम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड द्वारा अधीनस्थ अपर पुलिस अधीक्षक व प्रभारी सीसीपीएस को अभियोग के शीघ्र अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये । साईबर क्राईम पुलिस टीम द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातों/ रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों / व्हाट्सअप की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा कम्पनी से पत्राचाकर कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण से जानकारी मे आया कि साईबर अपराधियो द्वारा घटना में पीड़ित को डिजिटली अरेस्ट कर विभिन्न बैंक खातों में धनराशि स्थानान्तरित करवायी गयी ।

 

तत्पश्चात प्राप्त डेटा के विश्लेषण से पुलिस टीम द्वारा अभियोग में प्रकाश में आए बैंक खातों तथा मोबाइल नम्बरों का सत्यापन किया गया । टीम द्वारा तकनीकी/डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर अभियोग में प्रकाश में आये अभियुक्त शान्तनु दास पुत्र समीर कुमार दास निवासी ग्राम गोपालपुर, निकट हरि मंदिर, थाना इंग्लिश बाजार जिला मालदा पश्चिम बंगाल को मालदा पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया ।

 

अपराध का तरीका:

अभियुक्त द्वारा पीडिता को टेलीकॉम रेग्यूलेटरी विभाग का अधिकारी बताकर पीडिता के आधार कार्ड जो केनरा बैंक से लिंक होने तथा उक्त खाते में नाम पर खुले केनरा बैंक के खाते में मनी लांड्रिंग के तहत 60 करोड की धनराशि प्राप्त होने की बात कही गयी, जिसके लिये पीड़िता को व्हाटसप कॉल के माध्यम से लगातार सम्पर्क में रहने तथा किसी भी व्यक्ति के सम्पर्क में नहीं रहने की हिदायत अपराधियों द्वारा दी जाती थी, व्हाटसप कॉल पर ही बैंक खातों के वैरिफिकेशन किये जाने को बोला जाता था, जिसके लिये साईबर अपराधियों द्वारा पीडित को डरा धमकाकर House Arrest / Digital Arrest होने की बात कहते हुए व्हाटसप कॉल के माध्यम से लगातार सम्पर्क में बने रहने की बात कहीं जाती थी । अभियुक्त द्वारा पीडितों से धोखाधडीपूर्वक प्राप्त की गयी धनराशि को तत्काल ही अन्य खातों में स्थानान्तरित कर दिया जाता था जिसके लिये अभियुक्त शान्तनु दास द्वारा अपने बैंक खाते का प्रयोग करते हुये उसमें 1,20,18,000 रूपये की धनराशि प्राप्त की गयी । जिसमें अग्रिम विवेचना प्रचलित है ।

 

अभियुक्त का नाम व पता-

शान्तनु दास पुत्र समीर कुमार दास निवासी ग्राम गोपालपुर, निकट हरि मंदिर, थाना इंग्लिश बाजार जिला मालदा पश्चिम बंगाल

 

*पुलिस टीम-*

1-निरीक्षक श्री अरूण कुमार

2-उ0नि0 शंकर सिंह रावत

3-अ0उ0नि0 सत्येन्द्र गंगोला

4-हे0 कानि0 मनोज कुमार

 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस0टी0एफ0 उत्तराखण्ड ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरों/फर्जी साईट/धनराशि दोगुना करने व टिकट बुक करने वाले अन्जान अवसरो के प्रलोभन में न आयें । साथ ही, सभी से अपील है कि वे फर्जी निवेश ऑफर जैसे YouTube like सब्सक्राइब, टेलीग्राम आधारित निवेश वेबसाइट ऑफर में निवेश न करें, कॉलर की सत्यता की जांच करे बिना किसी भी प्रकार की सूचना/दस्तावेज न दें । तेजी से बढ़ रहे इन्वेस्टमेंट स्कैम्स ने लाखों लोगों को अपना शिकार बनाया है। स्कैमर्स वेबसाइट्स और नकली रिव्यू प्रोग्राम्स के माध्यम से लोगों को पहले छोटे-छोटे इनाम देकर भरोसा जीतते हैं तथा फिर धीरे-धीरे उन्हें भारी रकम निवेश करने पर मजबूर कर देते हैं। कम समय में अधिक लाभ के चक्कर में इन्वेस्ट ना करेंव शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें । वित्तीय साईबर अपराध घटित होने पर तुरन्त 1930 नम्बर पर सम्पर्क करें ।