देहरादून
देश भर में कफ सिरप से बच्चों के मौत होने के मामले पर उत्तराखंड में भी खराब गुणवत्ता वाले कफ सिरप के ज़ब्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। वहीं इस बात पर उत्तराखंड बाल आयोग की अध्यक्ष और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गीता खन्ना ने कहा कि आजकल के दौर में अगर कोई बच्चा दो बार भी खांसता है तो उसे सीधा कफ सिरप दिया जाता है और अगर किसी डॉक्टर ने कफ सिरप का परामर्श नहीं दिया तो उस पर शक किया जाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि आजकल के कफ सिरप में dextromethorphan इस्तेमाल हो रहा है जो 2 साल से छोटे बच्चों के लिए नहीं होता है और जिस कफ सिरप से बच्चों की मौत हुई है उसमें जो प्रिजर्वेटिव पाया गया वो बहुत खतरनाक है।